आज दिनाक 08/09/2020 को चौरी चौरा के नवागत थाना प्रभारी निरीक्षक महोदय श्री प्रमोद तिवारी जी गुलरोदन चौरासिया के मौत के मामले में ग्राम सभा डुमरी खास के डीघवा टोला पर आ कर उनकी पत्नी से मिले और गुलरोदन के मौत के विषय मे आवश्यक पूछ ताछ करने के बाद उस स्थान को भी देखा जहा काफी ऊँचाई पर गुलरोदन चौरासिया ने फांसी लगाकर सुसाइड किये थे ,,उनके बाद जिस फाइनेंस कंपनी में गुलरोदन चौरासिया करते थे। उस कम्पनी के मालिक गांव के ही प्रधान के पति राधेश्याम मौर्य से भी पूछताछ की जिस सुसाइड नोट को परिवार वाले घटना के ही दिन से मांगते थे ,,,उसे आज नवागत प्रभारी निरीक्षक ने ढाई माह बाद उसकी एक प्रति परिवार वाले को उपलब्ध कराया ,,,

आपको याद दिला दी कि दाई माह पूर्व गुलरोदन चौरासिया ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर लिए थे ,,,,उनकी पत्नी सुनीता देवी ने गांव के प्रधान पति राधेश्याम मौर्य पर यह आरोप लगया था ,,की मेरा पति राधेश्याम मौर्य के फाइनेंस कंपनी में लगभग 25 से 30 लाख रुपये लोगो का जमा किये थे ,,,,जिसका भुगतान तिथि पूरा हो गया था,,,,उसी जमा पैसे को लोगो में वापस करने के लिए,,, लगभग तीन चार महीने से रोज राधेश्याम मौर्य के पास जाते थे,,,, तो ओ कल परसो कह कर बात को टाल देते थे,,,, घटना वाले दिन जब मेरा पति पुनः जमा किये पैसे को वापस करने की बात राधेश्याम मौर्य से किया तो ,,,उसने मेरे पति से कहा कि ,,तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है,,भाग जाओ,,,,यहाँ से पैसा नही देंगे और दुबारा मेरे पास आये तो तुम्हारा अंजाम बुरा होगा ,,,,,उस दिन मेरा पति मानसिक रूप से काफी उलझन में घर पर आए ,,,,,और रोते हुए उन्होने सारि बाते मुझे बताई ,,,,,और उसी रात सुसाइड कर लिए,,,,मेरे पति का मौत राधेश्याम मौर्य द्वारा जमा पैसे को हड़पने की वजह से ही हुआ है,,,, चुकी राधेश्याम मौर्य के ऊपर पहले भी हत्या सहित कई गम्भीर मुकदमा दर्ज है,,,,,और उसके पर गुण्डा एक्ट के तहत करवाई भी हुई है,,,परन्तु पैसा और अपराधी होने की वजह से ढाई माह से चौरी चौरा की पुलिस राधेश्याम मौर्य के दबाव में काम करती रही और जान बूझकर मामले को लम्बे समय तक लटकाये रखी ताकि साक्ष्य को मिटाया जा सके अब नए प्रभारी निरीक्षक महोदय आये है,,,,जिनसे कुछ उम्मीदे जगी है,,,,,।।।।

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