डाक टाइम्स न्यूज समाचार ब्यूरो कुशीनगर ।

बाढ़ आपदा रोकथाम तैयारियों के निरीक्षण हेतु आवश्यक बैठक हुई संपन्न

वरिष्ठ सलाहकार उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्षता में हुई बैठक

हर आपदा के लिए तैयारी जरूरी- ब्रिगेडियर पी के सिंह

तैयारी ही सफलता की कुंजी- ब्रिगेडियर पीके सिंह

बाढ़ आपदा रोकथाम तैयारियों के निरीक्षण हेतु कलेक्ट्रेट सभागार में ब्रिगेडियर प्रमोद कुमार सिंह, वरिष्ठ सलाहकार उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आहूत की गई। उक्त बैठक आगामी 29 जून 05 व 7 जुलाई 2022 को प्रस्तावित प्रदेश स्तरीय मॉक एक्सरसाइज के दृष्टिगत बाढ़ आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा व चर्चा हेतु आयोजित की गई थी। बैठक में वरिष्ठ सलाहकार द्वारा एस0डी0आर0एफ0 के समक्ष आ रही समस्याओं का समाधान करने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा की किसी प्रकार की आपदा एक संवेदनशील विषय होता है और किसी भी आपदा के लिए तैयारी जरूरी होती है। उन्होंने कहा कि यूएस आर्मी के जनरल डगलस मेकार्थर का कथन है कि तैयारी ही सफलता की कुंजी है।
इस क्रम में उन्होंने बताया कि बाढ़ राहत हेतु सभी उपकरण फंक्शनल होने चाहिए, नदियों में आ रहे उफान में मोटराइज्ड नाव का उपयोग किया जाए। उन्होंने इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम की भी बात की। उन्होंने कहा कि आपदा संबंधी तैयारियों के दृष्टिगत इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम का उपयोग किया जाना चाहिए। इस क्रम में उन्होंने सभी संबंधित विभागों को टीम वर्क के अनुसार कार्य करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा के वक्त महिलाओं और बच्चों के लिए अलग से व्यवस्था उपलब्ध हो। पूर्व चेतावनी के संदर्भ में उन्होंने दामिनी ऐप को डाउनलोड करने का सलाह दी। उन्होंने कहा कि हमें क्षमता निर्माण करना होगा और क्षमता निर्माण प्रशिक्षण से आएगा। इसके लिए मॉक ड्रिल आवश्यक है। इस क्रम में उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से लोगों में पूर्व जागरूकता व सशक्तिकरण काफी जरूरी है। आपदा के समय पहला रिस्पांस कम्युनिटी का होता है। कम्युनिटी को सशक्त किया जाना चाहिए। इससे पहले उक्त बैठक में आपदा विशेषज्ञ रवि राय द्वारा बाढ़ आपदा संबंधित तैयारियों के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया गया। बाढ़ आपदा की अग्रिम तैयारी के संबंध में रवि राय के द्वारा बताया गया। इस क्रम में आपदा विशेषज्ञ द्वारा बताया गया कि जनपद कुशीनगर में मुख्य रूप से तीन नदियों से बाढ़ आती है बड़ी गंडक, छोटी गंडक और बांसी और इससे तमकुही तथा खड्डा तहसील के क्षेत्र विशेष रूप से प्रभावित होते हैं । इस क्रम में उनके द्वारा बाढ़ चौकी, बांध, गोताखोर, बाढ़ शरणालय, खोज व बचाव उपकरण, खाद्य सामग्री का वितरण , बाढ़ कंट्रोल रूम , एसडीआरएफ की तैनाती, स्टेयरिंग ग्रुप की बैठक, जिला स्तरीय आपदा राहत समिति की बैठक, राज्य सरकार द्वारा प्रदान सहायता राशि आदि के संदर्भ में विस्तार से अपना प्रस्तुतीकरण दिया। इस क्रम में अपर जिलाधिकारी देवी दयाल वर्मा ने जनपद स्तर से बाढ़ के संदर्भ में तैयारियों की पूरी रिपोर्ट वरिष्ठ सलाहकार आपदा प्रबंधन को बताया। अधिशासी अधिकारी बाढ़ खंड के द्वारा 16 नियमित तटबंध के बारे में बताया गया तथा उन तटबंध पर बाढ़ हेतु अग्रिम तैयारियों के संदर्भ में स्पर, परक्यूपायन, निर्माण कार्य आदि के बारे में बताया गया। इस क्रम में एसडीआरएफ से मोहन सिंह ने कुछ समस्याएं बतायीं। कम्युनिकेशन और प्रशासन स्तर पर कुछ समस्याओं के बारे में उन्होंने चर्चा की। जैसे बाढ़ के दिनों में विद्युत की समस्या से कनेक्टिविटी की समस्या, खाद्य सामग्री, दवाओं की समस्या आदि। उन्होनें उचित जगह पर एसडीआरएफ की टीम को डिप्लॉय करवाए जाने की मांग की जिससे त्वरित गति से कार्यवाही की जा सके। अंत मे अपर जिलाधिकारी ने वरिष्ठ सलाहकार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को आश्वश्त किया कि उनके द्वारा दिए गए मार्गदर्शन और निर्देशों का पालन किया जाएगा। इस अवसर पर आपदा विशेषज्ञ रवि राय, एक्सईएन बाढ़ खंड महेश कुमार सिंह, तहसीलदार पडरौना सुमित सिंह, अन्य तहसीलदार, सीओ खड्डा संदीप कुमार वर्मा व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

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