डाक टाइम्स न्यूज समाचारपत्र ब्यूरो महराजगंज ।
मनरेगा सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना, ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगार लोगों को रोजगार सुलभ कराने का भगीरथ प्रयास की योजना जहां गांव में ही 100 दिन रोजगार दिये जाने का प्रावधान है।
लेकिन जनपद महराजगंज में मनरेगा योजना भ्रष्टाचार की योजना बन कर रह गई है नित नए भ्रष्टाचार की पोल खुल रहा है।
नया मामला ग्राम सभा पचमा में क्षेत्र पंचायत द्वारा वित्त वर्ष 2022-23 का है जहां क्षेत्र पंचायत द्वारा मस्टर रोल संख्या 2749,2750,2751,2752,2753,2754 द्वारा पचमा में पिंच रोड़ हरी लाल के खेत से जमुई पंडित टुअर के खेत मनोज सिंह के खेत तक मिट्टी कार्य कराया गया है और भुगतान भी हुआ है जीस में घोर अनियमितता हुई है।
उक्त कार्य वित्तीय वर्ष 2020-21 में ग्राम पंचायत द्वारा देवरिया नहर से भीखारी के खेत होते हुए पिंच रोड़ तक चक बंद कार्य वर्क आई नम्बर 3152004012/RC/958486255823120739 द्वारा कराया गया है संमवंधित कार्य में सिर्फ शब्दों को इधर से उधर कर कार्य का नाम बदल दिया गया है जबकि कार्य स्थल एक ही है।
जबकि खंड विकास अधिकारी मिठौरा महराजगंज द्वारा पत्रांक 121/लेखा/मनरेगा/2022-23 दिनांक 11 मई 2022 द्वारा निर्गत आदेश के क्रमांक 2 पर स्पष्ट किया गया है कि *विगत पांच वर्षों के अंतर्गत समवंधित कार्य न कराएं जाने का प्रमाण पत्र विना लगाएं पत्रावली भुगतान के लिए प्रस्तुत न किया जाए।

उक्त क्षेत्र पंचायत द्वारा कराया गया उक्त कार्य में लगभग 10 से 15 मजदूर मात्र 5 से 6 दिन कार्य कीए है 200 मीटर के लगभग उक्त रोड़ पर स्थित टेंट हाउस मालिक ने मिट्टी कार्य किया था उसका भी भुगतान हुआ है ग्राम सभा के शरीर से बुढ़े और कमजोर मजदूरों की भी हाजीरी लगाई गई है जाब कार्ड नंबर 172 जो कि दिनांक 06-06-2022 से 19-06-2022 तक दिल्ली में कार्यरत थे उनका भी हाजीरी लगाई गई है क्षेत्र पंचायत द्वारा 1000 मीटर मिट्टी कार्य का भुगतान कराया गया है जबकि उक्त कार्य स्थल की लम्बाई कम है।

ऐसे में ग्राम पंचायत पचमा में क्षेत्र पंचायत द्वारा कराया गया उक्त कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here