डाक टाइम्स न्यूज समाचारपत्र ब्यूरो महराजगंज ।
कभी मटर के तस्करी के खेल से गुल्जार जनपद महाराजगंज का इंडो नेपाल बार्डर भारतीय और नेपाली युवाओं के कमाई का जरिया बना हुआ है और प्रशासनिक जिम्मेदारों के मुंह पर भ्रष्टाचार रूपी तमाचा भी ।
भ्रष्टाचार के आवरण में फल फूल रहे तस्करी के इस धंधे पर ईमानदारी की चादर सुसज्जित पुर्व एस डी एम प्रमोद कुमार ने जोरदार तमाचा जड़ा और तस्करी के इस खेल की जड़ पर इतना वार किए कि जनपद महाराजगंज में नेपाल से आने वाली कनाडियन मटर का करोबार की जड़ हिल गई और बदले हालात और बढ़े जुर्माने के कारण यह कारोबार बंद हो गया ।

लेकिन भ्रष्टाचार , माफिया तथा राजनैतिक गठजोड़ ने इस ईमानदार अफसर का ट्रान्सफर करा दिया लेकिन तबसे अबतक मटर का कारोबार फल फूल नहीं सका
बीतते समय के साथ जनपद महाराजगंज में वहीं पुराने तस्करों, वर्तमान अफसरशाहों और नेताओं के युगलबंदी में पुनः इंडो नेपाल बार्डर चीनी के मिठास के चकाचौंध में चहुओर चांदी ही चांदी की कहावत को चरितार्थ कर रहा है
नेपाल राष्ट में बढ़ी भारतीय चीनी और कपड़ों की मांग और हुए मुल्य में काफी अंतर के कारण भारतीय सीमा से सटे गांवों कस्बों से भारी मात्रा में चीनी और कपड़ों आदि की तस्करी जोरदार तरीके से अंधाधुंध चल रहा है और भारतीय युवाओं सहीत नेपाली बेरोजगार युवा कैरियर का काम चंद रूपयों के लिए कर रहे हैं
जनपद महाराजगंज का कोतवाली ठूठीबारी, लक्ष्मी पूर रेगहीयां पुलिस चौकी तो वहीं निचलौल थाने की शीतलता पुर पुलिस चौकी, बहुआर पुलिस चौकी चीनी और कपड़ों आदि के तस्करी का मुफीद जगह के रूप में तस्करों को अपेक्षित माहौल/ सुविधा उपलब्ध करा रही है। तस्कर सीमा सुरक्षा बल के साथ कस्टम, बार्डर पेट्रोलिंग दस्ता, थाना/ चौकी आदि सुरक्षा एजेंसियों को धता बता कर हर रोज हजारों कुंतल चीनी ,कपड़ा , कास्मेटिक का इंडो नेपाल बार्डर पर तस्करी कर रहे हैं

   लक्ष्मी पूर बार्डर पर चीनी के तस्करी का खेल.  

सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हस्त लिखित एक पन्ना/अभिलेख जिसकी सत्यता को डाक टाइम्स समाचार प्रमाणिक नहीं करता है लेकिन तस्करी के इस खेल में संलिप्त तस्करों/गोदाम स्वामियों का पोल खोलने में सक्षम दस्तावेज पुर्व एस डी एम प्रमोद कुमार द्वारा कार्यवाही के लिए अग्रेषित तस्करों की सूची से मेल खाता है।
चर्चाओं के बाजार और सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी की माने तो वायरल सूची वर्तमान पुलिस अधीक्षक महराजगंज द्वारा एस डी एम प्रमोद कुमार द्वारा सौंपी गई तस्करों की वहीं सूची है जिसे पुर्व एस पी प्रदीप गुप्ता के समय में तस्करों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से भेजी गई थी लेकिन कुछ कारणों से कार्यवाही लम्बित रही ।
नवागंतुक पुलिस अधीक्षक महराजगंज डा0 कौशतुम्भ की संज्ञानता के बाद और जनपद में खाद, चीनी, कपड़ों कास्मेटिक और कबाड़ आदि की बढ़ते तस्करी के कारोबार की सुर्खियों और संदिग्ध पुलिस की भूमिका के कारण अंदर खाने पुलिस अधीक्षक द्वारा खंगाले जा रहें लिंक/सम्बन्ध की कड़ियों का नमुना वायरल दस्तावेज एक अप्रमाणिक दस्तावेज है

                           दस्तावेज                           

इस संदर्भ में नवागत एडिशनल पुलिस अधीक्षक महराजगंज ने हो रहे तस्करी पर पत्रकारों के सवालों के जबाव में कहा कि सरकार के मानसा के अनुरूप कवच नामक कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसके तहत इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बल दिया जा रहा है कस्टम सहित अन्य जिम्मेदार एजेंसी भी अगर कापरेटिव नेचर के साथ काम करें तो तस्करी पर लगाम लगाया जा सकता है

        बाइट एडिशनल एसपी महराजगंज.        

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