डाक टाइम्स न्यूज समाचारपत्र ब्यूरो महराजगंज ।
सूप हंसे त हंसे चलनी का हंसे जेमे बहत्तर छेद कहावत को चरितार्थ करता ग्राम पंचायत पैकौली कला के रहने वाले रितेश कुमार पांडेय और उनके पिता राधेश्याम पांडे का व्यक्तित्व एक बार पुनः अपने कुंठित मानसिकता का परिचय देते हुए लगभग दो साल पहले मनरेगा से संबंधित मामले में पुर्व ग्राम प्रधान अरविंद कुमार मिश्र के खिलाफ डीएम महराजगंज से कार्यवाही की मांग किया है। जबकि उक्त प्रकरण में जांच कर सम्बंधितो से वसूली की कार्रवाई पूर्ण कर दी गई है और मामला खत्म हो गया है। ऐसे में पुनः कार्यवाही की मांग करना रितेश कुमार पांडे के कुंठित मानसिकता का परिचायक है। बताते चले कि ग्राम सभा पैकौली कला में राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई के खेल में सह और मात रितेश कुमार पांडे और अरविंद कुमार मिश्रा के बीच वर्षों से चला आ रहा है जिसमें समय-समय पर एक दूसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप एक दूसरे के कमियों पर कुठाराघात करना दोनों खेमे की आदत बन गई है अभी कुछ दिन पूर्व रितेश कुमार पांडे के पिता राधेश्याम पांडे को जटहां पुलिस द्वारा बीएड के फर्जी अंकपत्र पर अध्यापन कार्य करने के कारण गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इससे क्षुब्ध होकर 2 वर्ष पूर्व मनरेगा घोटाले जिसमें कार्यवाही कर दोषियों से रिकवरी करा लिया गया है उक्त प्रकरण में पुनः कार्यवाही की मांग किया गया है। डाक टाइम्स न्यूज़ को भेजे गए रितेश पांडे द्वारा उक्त प्रकरण से संबंधित दस्तावेज और बिना सिग्नेचर किए हुए प्रार्थना पत्र इस बात के सबूत हैं की बिना सिग्नेचर किया हुआ प्रार्थना पत्र भ्रमित करने के लिए मीडिया को भेजा गया सोशल मीडिया पर इन दस्तावेजों के बिनाह पर अरविंद कुमार मिश्र को लेकर भ्रामक खबर फैलाई गई इन खबरों और प्राप्त दस्तावेजों के बिनाह पर जब डाक टाइम्स न्यूज़ की टीम पूर्व प्रधान अरविंद कुमार मिश्र से अपने कैमरे पर बात किया तो रितेश कुमार पांडे और उनके पिता राधेश्याम पांडे के तमाम फ्रॉड और रितेश कुमार पांडे के हाई स्कूल इंटर और बीएड के तमाम सर्टिफिकेट फर्जी पाया जाने का और पूर्व में दर्ज तमाम मुकदमा का जिक्र करते हुए अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे वाली कहावत है अरविंद कुमार मिश्र का कहना है कि रितेश कुमार पांडे का जिस मामले में जांच की मांग किया जा रहा है उस मामले का जांच कर दोषियों से रिकवरी हो गया है। उस मामले को बेवजह परेशान करने की दृष्टि से रितेश पांडे बारा बार जिलाधिकारी महाराजगंज को कार्यवाही के लिए लिखा गया जो उचित और न्यायसंगत नहीं है। उक्त प्रकरण के संदर्भ में बेबाकी से जवाब देते हुए अरविंद कुमार मिश्र ने कहा रितेश कुमार पांडे और तत्कालीन पंचायत मित्र को दोषी बताते हुए प्रधान पद पर रहने के कारण मेरे ऊपर गलत दोषारोपण किया गया था और मेरे द्वारा रिकवरी भी दिया गया जबकि मैंने अपने पास से समस्त लेबरों का भुगतान नगद कर दिया था इस प्रकरण में कभी भी कोई मजदूर कहीं कोई शिकायत नहीं किया है सिर्फ रितेश पांडे बार-बार उक्त प्रकरण को उठाते रहते हैं।

       पुर्व प्रधान अरविंद कुमार मिश्र का बयान          

 

 

419,420,467, व 471 आई पी सी की धाराओं में फर्जी अंकपत्र मामले में कोतवाली पुलिस महराजगंज द्वारा दर्ज मुकदमे में अभियुक्त रितेश कुमार पांडे भी है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महाराजगंज। 4130-33 पत्रांक जि0शि0/2004-05/ दिनांक 13 दिसंबर,2004 द्वारा हाई स्कूल 1996 के अंकपत्र प्रथम श्रेणी इंटरमीडिएट 1998 में प्राप्तांक 273 /500 के स्थान पर 324/500 किया जाना पाया गया है तो वही बीएड की डिग्री भी फर्जी बताई गई है।

झूठ के इसी क्रम में दिनांक 06-07- 2016 को तत्कालीन ग्राम प्रधान अरविंद कुमार द्वारा खंड विकास अधिकारी महाराजगंज को दिए गए प्रार्थना पत्र मे लिखा गया कि राशन कार्डो के सत्यापन में मेरा और ग्राम पंचायत अधिकारी की मुहर फर्जी लगाकर फर्जी सिग्नेचर कर सत्यापित किया गया है उक्त मोहरों और मेरे द्वारा प्रयोग किए जा रहे हैं ब्लॉक स्तर से सत्यापित मुहर का जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई किया जाए जिस के क्रम में सक्षम अधिकारियों द्वारा जांच किया गया।

जिस में फर्जी मुहर और फर्जी राशन कार्ड बनाने का ठीकरा भी रितेश कुमार पांडे पर फूटा धोखाधड़ी जालसाजी की मायाजाल रितेश पांडे द्वारा बस ग्राम प्रधानी और शिक्षा जगत को बेवकूफ बनाने का ही नहीं रहा अपने फर्जी अंक पत्रों के बिनाह पर कुशीनगर जनपद के एक बैंक से लोन लेकर बैंक को भी धोखे में डाल रखा है ऐसे में जालसाजी और प्रभाव का स्तेमाल कर संवैधानिक तंत्रों का दुरुपयोग कर रितेश पांडे कानूनी दांवपेच और रितेश कुमार पांडे उच्च अधिकारियों पर दबाव बनाकर और प्रभाव में लेकर अनवरत जालसाजी कार्य को अंजाम दे रहा है और खुली हवा में स्वतंत्र घूम रहा है।

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