कौड़ीराम , गोरखपुर । बांसगांव थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव में 8 अक्टूबर को रात चार हमलावरों ने धारदार हथियार से श्रवण कुमार पर हमला कर दिया था ।पुलिस ने इस मामले में शुभम उर्फ सोनू, उसके भाई साहिल, गोलु,और बबलू के खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया था। पुलिस ने 11 अक्टूबर को शुभम व 14 अक्टूबर को उसके साथी बबलू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साहिल व गोलू अभी फरार हैं। बता दें कि शुभम उर्फ सोनू की जेल में तबीयत बिगड़ने से जेल अधीक्षक ने उसको मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया था, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिवार वालों ने घर पर शव पहुंचने पर दाह संस्कार करने से इंकार कर दिया था। उन्होंने पुलिस पर मृतक शुभम की पिटाई का आरोप लगाते हुए मांग किया कि जब तक जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मौके पर नहीं आते हैं तब तक दाह संस्कार नहीं होगा , एवं दाह संस्कार करने से इंकार कर दिया था। धीरे-धीरे मामला तूल पकड़ लिया। आज सुबह नेताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई ,जिससे मामला और बिगड़ गया । यह मामला प्रशासनिक हलके में पहुंचते ही खलबली मच गई, ग्रामीण क्षेत्रों के सभी थाना प्रभारियों को एहतियातन यह निर्देश दिया गया कि वह कौड़ीराम के आसपास कैंप करें। पूरा विशुनपुर गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। विपक्षी नेताओं ने मृतक के घर पहुंच कर धरना प्रदर्शन किया व जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे । अंत में बांसगांव के उप जिला अधिकारी कुलदीप मीणा मौके पर पहुंचे व परिवार के लोगों से उनकी मांगों के बारे में जानकारी प्राप्त की। परिवार के लोगों ने उप जिलाधिकारी से मुख्य पांच मांगे रखी, जिसमें मृतक के परिवार के किसी व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए, एक करोड़ की मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए ,जेल में बंद व अन्य नामजद अभियुक्तों पर से गंभीर धाराएं हटाई जाए, विपक्षी पार्टी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाए एवं जो प्रमुख मांग रही, कौड़ीराम चौकी इंचार्ज व बांसगांव थाना प्रभारी को निलंबित किया जाए। जिस पर उपजिलाधिकारी ने मृतक के परिवार व उपस्थित विपक्षी पार्टियों के नेताओं को यह आश्वासन दिया कि इस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद परिवार के लोगों ने दाह संस्कार की प्रक्रिया शुरू की। शव यात्रा में आगे आगे पुलिस फोर्स व पीछे पीछे शव यात्रा चल रही थी। जब तक व जल नहीं गई तब तक पुलिस के लोगों की सांसें फूल रही थी, चिता जलने के बाद पुलिस प्रशासन के लोगों ने चैन की सांस ली। प्रशासन की तरफ से वार्ता में उप जिलाधिकारी बांसगांव कुलदीप मीणा ,क्षेत्राधिकारी कोतवाली बी पी सिंह, क्षेत्राधिकारी बांसगांव नितेश सिंह, तहसीलदार बांसगांव वीरेंद्र गुप्ता, नायब तहसीलदार चंदन शर्मा आदि लोग रहे।

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