शासन के लाख कोशिशों के बावजूद भी ग्रामीण इलाकों में चिकित्सीय व्यवस्था पटरी पर नहीं दिख रही है जहां सरकार लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए करोड़ रुपये खर्च करती है। वहीं कुछ जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते एएनएम सेंटर बदहाल होते जा रहे हैं। ऐसा ही हाल महाराजगंज जिले के सिसवा बाजार क्षेत्र के एएनएम सेंटर का है देखरेख के अभाव में यह सेंटर बदहाल हो गया है। परिसर में व आसपास घास व झाड़ियां उग आई है।

सेंटर भवन जर्जर हो गया है। खिड़की, दरवाजे, बिजली के उपकरण, कुर्सी मेज गायब हो गए हैं। सिसवा बाजार क्षेत्र के सबया गांव में स्थित एएनएम सेंटर सिसवा सीएचसी में शामिल होता है। ग्रामीणों का कहना है कि सेंटर का ताला कई महीनों से नहीं खुला है। गर्भवती महिलाओं व बच्चों को टीकाकरण के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम केंद्रों की स्थापना का उद्देश्य था कि प्रसव पीड़ित महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर सुविधा मिल सके लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते यह एएनएम सेंटर बदहाल हो गया हैं। ग्रामीणों को इन सेंटरों का लाभ नहीं मिल रहा है। कई किलोमीटर दूर उन्हें सीएचसी में जाकर अपना इलाज कराना पड़ रहा है। बंद पड़े इस एएनएम सेंटर से सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है। तो वहीं जिम्मेदार मौन है

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