महिलाओं पर दिनों-दिन बढ़ते अत्याचार ने जैसे हमारे भारत देश की जड़ को हिला दिया है।
क्या यह वही हमारा भारतवर्ष है। जहां नारी को देवी तुल्य मान कर पूजा जाता है।

प्रजातंत्र जन-कल्याण ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हमारे पत्रकार से वार्ता के दौरान कही आज आम बात हो गई है बलात्कार दरिंदगी हैवानियत जो हदें पार कर रही है सामूहिक बलात्कार जैसे आम बात है 4 बर्ष से लेकर 12 बर्ष की मासूम बच्चियों की मासूमियत को इस कदर रौंदा दिया जाता है।
मानवता शर्मसार हो जाती है ऐसे लोगों को हम पिशाच से भी बड़ी कोई उपमा दें तो वह भी कम पड़ सकती है ।

आज के बदलते परिवेश में हमारे समाज में महिलाओं और युवतियों के लिए कहा जाता है कि इनकी चाल ढाल पहनावा अशोभनीय है यही कारण है कि पुरुष कामवासना से बलात्कार करते हैं और पुरुष प्रधान देश में पुरुष निर्दोष हो जाता है। महिलाएं दोषी करार दिए जाती है।

सवाल यह उठता है क्या कभी महिलाओं को उनका मान सम्मान कभी मिलेगा क्या खुद को सुरक्षित रखने में सफल हो सकती है। महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय और अत्याचार से क्षुब्द महिलाओं का हमारे देश में न्याय मिलना संभव है ऐसे कई सवाल खड़े है जो चिख चिख कर बयां करती है कि हमारे पुरुष प्रधान देश है महिलाओं को भोग विलास की वस्तु समझते हैं।

प्रजातंत्र जन-कल्याण ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष सविता उपाध्याय ने अपनी बात आगे रखते हुए कहा कि मै चाहती हुं अब सभी महिलाओं को भय मुक्त होने के साथ एकजुट होना चाहिए और ऐसे गिद्ध पुरुषों का सामना करें जो महिलाओं को नोचने में लगा हुआ है अबला की जिंदगी छोड़ कर सबला बने और पुरुष को चुनौती दे अन्याय और अत्याचार सहन करना बंद करें।

नारी शक्ति स्वंय नारायणी है
आज अपनी शक्ति नहीं जगाई तो कभी नहीं
अराजक का राज रहेगा महिलाएं दोयम दर्जे की जिंदगी जीती रहेगी
इसलिए आततयियों को सबक सिखाना होगा

अपनी बात को समाप्त करते हुए सविता उपाध्याय ने सभी देश वासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दी और महिलाओं को अपनी अंतरात्मा के साथ अंतरमन को जागरूक करने की बात कही

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