अंकित कुशवाहा ब्यूरो प्रमुख कुशीनगर-

जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने जनपद के समस्त सम्मानित कृषकों को अवगत कराया है कि रबी में गेहूॅ की बुआई लगभग समाप्त हो चुका है, इस समय गेहूॅ की फसल के साथ- साथ खर-पतवार जैसे गेहूॅसा गिल्ली डण्डा, चटरी-मटरी, बुथआ, कृष्ण नील, आदि की समस्या देखा जा रही है, जिसका समाधान निम्न प्रकार है।
सकरी पत्ती वाले खर-पतवार जैसे गेहूॅसा एवं जंगली जई हेतु सल्फोसल्फरान 75 प्रति0 डब्लू जी 13.5 ग्राम 1 यूनिट लगभग 120 ली0 या स्प्रेयर मशीन का 8 टंकी पानी में अच्छी तरह धोल बनाकर प्रति एकड छिडकाव करने से इनका नियंत्रण किया जा सकता हैं
चैड़ी पत्ती वाले खर-पतवार हेतु मेट सल्फयूरान मिथाइल 20 प्रति डब्लू जी 8 ग्राम 1 यूनिट मात्रा 10 से 12 टंकी की स्पे्रयर मशीन में अच्छी तरह घोल बनाकर फ्लैट फैन नाजिल से प्रति एकड़ छिडकाव करके खर-पतवार का नियंत्रण किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि सकरी एवं चौड़ी पत्ती वाली खरपतवार का एक साथ नियंत्रण करने के लिए सल्फोसल्फयूरान 75 प्रति मेट सल्फ्यूरान मिथाइल 05 प्रति डब्लू जी 16 ग्राम 01 यूनिट अथवा मैट्रीब्यूजीन 70 प्रति0 डब्लू की 100 से 120 ग्राम मात्रा 12 से 14 स्पे्रयर मशीन की टंकी या 200 ली0 पानी में अच्छी तरह घोल बनाकर प्रति एकड़ छिडाकव करे।

17 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here