गोरखपुर*/राप्ती नदी के राजघाट पर प्रदूषण रहित अंत्येष्टि स्थल का लोकार्पण मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों संपन्न होगा। करीब 12 करोड़ की लागत से तैयार अंत्येष्टि स्थल पर एक समय 13 शवों का अंतिम संस्कार हो सकेगा। नगर निगम के अधिकारी लोकार्पण से पहले साफ सफाई और अन्य कमियों को दूर करने में जुटे हुए हैं।
राजघाट पर पहले से ही करीब 10.50 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक अंत्येष्टि स्थल का बना हुआ है। यहां 10 शवों का लकड़ी और दो शव का गैसीफायर विधि से अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इसी स्थल के एक किनारे कोरोना संक्रमितों के अंतिम संस्कार के लिए एलपीजी आधारित अंत्येष्टि स्थल बनकर तैयार है। वायु को प्रदूषण रोकने के लिए इसमें स्क्रबर भी लगाया गया है। सामान्य स्थिति में जितनी लकड़ी लगती है, उससे आधे में ही दाह संस्कार हो जाएगा। इस विधि से अंतिम संस्कार में समय भी कम लगेगा। एलपीजी आधारित अंत्येष्टि स्थल में एक शव के अंतिम संस्कार में 12 से 16 किलोग्राम एलपीजी की जरूरत होगी। निगम के मुख्य अभियंता सुरेश चंद ने बताया कि अंत्येष्टि स्थल को इको फैंडली बनाया गया है। दाह संस्कार हो रहे हैं। इसके साथ ही सिंचाई विभाग के सहयोग से दाह संस्कार के लिए प्लेटफार्म बनवाए गए हैं।
60 लाख से बनेगी सड़क
अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचने के लिए 60 लाख की लागत से सीसी सड़क का भी निर्माण कार्य प्रस्तावित है। मंगलवार को इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाएगा।

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