खड्डा संवाददाता अनिल सिंह की रिपोर्ट
खड्डा/कुशीनगर: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में हुए अनुसूचित जनजाति के आरक्षण के विरोध में अम्बेडकर अनुसूचित समाज सुधार समिति के सदस्यों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। आज तहसील कार्यालय खड्डा में डॉ० अम्बेडकर समाज सुधार संघर्ष समिति के तत्वाधान में सैकड़ों की संख्या में लोग नारेबाजी करते हुए शासन प्रशासन पर यह आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया कि जब अनुसूचित जनजाति के लोग जिले में निवास ही नहीं करते तो उनको आरक्षण का लाभ क्यों दिया जा रहा है। उपजिलाधिकारी श्री अरविन्द कुमार को सौंपे गए ज्ञापन में यह मांग की है कि जनगणना के मुताबिक जनपद कुशीनगर में अनुसूचित जनजाति के लोग पाए ही नहीं जाते हैं,किन्तु विगत वर्ष 2015 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कुछ सीटें अनुसूचित जनजाति वर्ग के सदस्य ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य,जिला पंचायत सदस्य एवं ब्लाक प्रमुख रामकोला आरक्षित हुआ था।उपरोक्त वर्ग के लिए इस जनपद में कोई अभ्यर्थी नहीं मिला तो कुछ जालसाज किस्म के लोग दूसरे जनपदों से महिलाओं का अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर उक्त आरक्षित सीटों पर कब्जा कर लिए थे, जबकि वे पिछड़ी जाति के अन्तर्गत भुजा भूजने तथा कहारी करने वाले गोंड/कमकर जाति के व्यक्ति हैं। दूसरे जनपदों के कतिपय लोग जो मूल रूप से गोंड, कहार,कमकर जाति के हैं,अपने को अनुसूचित जनजाति कहलाकर अनुसूचित जाति का भी लाभ उठा रहे हैं, जो कानूनन अपराध है। पिछड़ी जाति के लोगों द्वारा कहीं पर अनुसूचित जाति और कहीं पर अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र निर्गत करा कर दोहरा लाभ उठा रहे हैं जो अनुसूचित जाति के लोगों के अधिकारों का हनन है। जिलाधिकारी कुशीनगर को संबोधित अपने मांग पत्र में उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में हुए अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को रद्द कर दिया जाय।
इस विषय पर वार्ता के क्रम में उप जिलाधिकारी श्री अरविन्द कुमार ने बताया कि मांग पत्र को आवश्यक कार्यवाही हेतु जिलाधिकारी महोदय को भेजा जा रहा है।


इस अवसर पर खदेरू प्रसाद गौतम,रामधनी प्रधान,सुभाष गौतम,नौमी प्रसाद,शारदा प्रसाद,विजय भारती,विंदेश्वरी प्रसाद सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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