बताते चले जनपद कुशीनगर में किसानों की समस्या दिन-प्रति-दिन बढ़ता ही जा रहा है और किसान भुखमरी के कगार पर पहुँच गया है। एक तो किसानों की गन्ने की हजारों एकड़ फसल खेत में ही सुख गया था जिसकी क्षतिपूर्ति के लिये हमारे द्वारा माँग भी किया गया था मगर सरकार द्वारा कोई ध्यान नही दिया गया उससे तो किसान सदमें में था ही ऊपर से गन्ने का भुगतान समय से नही होने के कारण किसानों के घर की हालत बद से बत्तर होकर बिल्कुल निचले स्तर पर पहुँच गया है। किसान अपने गाढ़ी कमाई का रुपया गन्ना लगाने में खर्च कर देता है और दिन रात एक करके एक साल में गन्ने की फसल तैयार करता है और उसे मिल पर ले जाता है उसके बाद भी गन्ने का भुगतान समय से नही होने के वजह से किसान मजबूर, बेहाल और असहाय नजर आता है जबकि सरकार का आदेश है कि मिल मालिकों द्वारा किसानों के गन्ने का भुगतान 14 दिन में किया जाय यदि कोई मिल मालिक 14 दिन में गन्ने का भुगतान करने में असफल होता है तो माननीय उच्च न्यायालय का आदेश है की मिल मालिक द्वारा गन्ने का भुगतान ब्याज के साथ दिया जाय। मिल मालिकों की तानाशाही से किसानों के गन्ने का भुगतान समय से नही किया जा रहा है जिसके वजह से कहीं न कहीं सरकार की भी किरकिरी हो रही है जो शुभ संकेत नही है उक्त बातें वेटरनस एशोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, किसान मोर्चा रामचन्द्र सिंह ने दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री अतुल सिंह को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया है। आगे राष्ट्रीय अध्यक्ष,किसान मोर्चा श्री सिंह ने अपने दो सूत्रीय माँगों का ज्ञापन राज्यमंत्री अतुल सिंह को सौपते हुए माँग किया है कि कप्तानगंज चीनी मिल द्वारा गन्ने का भुगतान पेराई सत्र 2020-21 का मात्र छ: दिन का ही किया गया है और अभी भी मिल के ऊपर 80 करोड से ऊपर रुपया बकाया है उसका भुगतान कराया जाय। जनपद गोरखपुर की पिपराईच चीनी मिल सरकारी होने के वावजूद भी गन्ने का भुगतान कराने में पीछे है। पिपराईच चीनी मिल पर किसानों के गन्ने का भुगतान पेराई सत्र 2020-21 का करोडों रुपया बकाया है उसे भी जल्द से जल्द किसानों के खाते में भेजवाया जाय जो किसान हित में मिल का पत्थर साबित होगा। इस मौके पर बरिष्ट कार्यकर्ता रामाश्रय वर्मा, कृष्ण गोपाल चौधरी, संजय कुशवाहा, चन्द्रभान सिंह, चाँदबली गौड़ के साथ साथ अन्य किसान मौजूद रहे।

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