बैठक की शुरुआत एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से हुई जिसमें यह दिखाया गया कि 2020 की तुलना में दूसरा फेज भयावह है । 2 मार्च 2020 को यूपी में आगरा से संक्रमण की शुरुआत हुई, उस वक्त इलाज की कोई व्यवस्था नहीं होने के बावजूद प्रदेश सरकार के अथक प्रयासों से एक त्रिस्तरीय व्यवस्था का ढांचा प्रारंभ किया गया जिसे बाद में केंद्र सरकार के द्वारा भी अपनाया गया। इसमें यह भी दिखाया गया कि उत्तर प्रदेश सबसे अधिक जनसंख्या वाला प्रदेश होने के बावजूद भी संक्रमण की दर, कोविड मृत्यु दर के मामले में अन्य प्रदेशों से बेहतर स्थिति में था। इसके साथ-साथ टेस्टिंग के मामले में भी काफी अब्बल रहा। इस संदर्भ में न सिर्फ अन्य भारतीय प्रदेश बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्तर प्रदेश कोविड-19 में प्रभावी ढंग से निपटा।
उक्त बैठक में बताया गया कि पहली लहर में जहां 7212 मामले संक्रमण के थे वहीं दूसरी लहर में यह मामला 18021 तक पहुंच गया है, इसके लिए होली, कृषि कार्य, तथा पंचायत चुनाव के लिए दूसरे राज्य से आए लोगों से संक्रमण एवं विस्तार को कारण बताया गया। इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा कुछ अनूठे प्रयोग की भी चर्चा की गई जैसे प्रत्येक जनपद में एकीकृत कोविड-19 कण्ट्रोल रूम , कोविड- पोर्टल,निशुल्क जांच, कोविड-केंद्र ऐप, ईसंजीवनी पोर्टल, के द्वारा डॉक्टर से टेलीकंसल्टेशन, कम्युनिटी सविलियांस, प्रत्येक महत्वपूर्ण कार्यालय एवं प्रतिष्ठानों में कोविड-हेल्प डेस्क, ग्राम निगरानी एवं मोहल्ला निगरानी समिति, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के द्वारा जागरूकता इत्यादि। टीकाकरण अभी तक 9383950 लोगों का किया जा चुका है।
उक्त बैठक में सभी धर्म गुरुओं नेअधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया,
कोविड गाइडलाइंस का अनुकरण करने एवं भक्त तथा अनुयायियों से करवाने का आश्वासन दिया। एक साथ सहयोग भावना से मानवता को बचाने का प्रयास करने का आश्वासन दिया । माननीय मुख्यमंत्री ने सभी धर्म गुरुओं का हृदय से अभिनंदन करते हुए कहा की लड़ाई समाज के हर तबके की है, उन्होंने धर्म गुरुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार आपने आस्था से ऊपर मानव को रखा है उसके लिए हृदय से धन्यवाद देता हूं। मुख्यमंत्री ने नवरात्रि एवं रमजान के लिए शुभकामनाएं दी तथा कहा कि आस्था को एक ओर रखकर मानवता के लिए प्रयास करें।
महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने भी पूरे 1 वर्ष से लगातार डॉक्टर, नर्स,सुरक्षाकर्मी एवं अधिकारियों की सक्रियता की प्रशंसा की तथा सभी धर्म गुरुओं को गाइडलाइन का पालन करने एवं टीकाकरण के लिए अपील की। उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल का पालन घर में भी किया जाए ।
उक्त बैठक के संदर्भ में कुशीनगर जिलाधिकारी ने धर्म गुरुओं से वार्ता करते हुए दूसरी लहर की भयावहता की चर्चा की एवं सभी धर्म गुरुओं से अपील की कि कोविड-19 के गाइडलाइंस का पालन करने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगो को जागरूक करें ।
इस अवसर पर जिलाधिकारी के साथ- अपर जिलाधिकारी विंध्यवासिनी राय तथा अपर पुलिस अधीक्षक अयोध्या प्रसाद सिंह सहित विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु आदि उपस्थित रहे।

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