डाक टाइम्स। खड्डा/कुशीनगर । एक तरफ सरकार गड्ढा मुक्त सड़कों बनाने का दावा/बात करती है और बजट भी पास होता है, लेकिन ऐसा लगता है यह बातें सिर्फ फाइलों में दबकर रह जाती हैं,और उन पर उच्च अधिकारियों द्वारा कोई अमल नहीं किया जाता ।
सड़क की मरम्मत के लिए हर वर्ष लाखों रुपए का बजट पास होता है,लेकिन सड़कें बता रही हैं बजट या तो फाइलों में दबकर रह जाती है,या अगर काम होता भी है तो सिर्फ नाम करने के लिए।सरकार का गड्ढा मुक्त सड़कों का अभियान भी कमजोर पड़ता दिख रहा है ।
लोक निर्माण विभाग की यह लापरवाही ही है कि खड्डा से मदनपुर की तरफ जाने वाली मुख्य सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। सामान्य दिनों में आने जाने में परेशानी तो होती ही है, पर बरसात के दिनों में यह परेशानी और भी बढ़ जाती है। सोहरौना से ही गुजरने वाली मुख्य सड़क में दर्जनों गड्ढे देखने को मिल जाएंगे, जहां बरसात में पानी जमा हो जाता है।
परंतु समुचित निकास ना होने के कारण पानी कीचड़ में तब्दील हो जाता है। इस कारण हर वर्ग के लोग चाहे वह किसान व्यापारी या फिर छात्र ही क्यों ना हो,सभी को आवागमन में मुश्किलें होने लगती हैं और दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
शासन द्वारा पहले लॉकडाउन में ही मरम्मत का कार्य हुआ था,लेकिन मौसम की पहली बारिश ने ही सरकार की पोल खोल कर रख दी। बरसात होते ही मरम्मत वाली जगह गड्ढों में फिर से तब्दील हो गई।

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