ग्रामीण आबादी के सर्वेक्षण के लिए संचालित स्वामित्व योजना के सम्बन्ध में सचिव पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार की अध्यक्षयता में विडियोकांफ्रेंसिंग के तहत हुई बैठक-

नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से ग्रामीण आबादी के सर्वेक्षण के लिए संचालित स्वामित्व योजना के संबंध में सचिव पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की गई।
जनपद कुशीनगर से एनआईसी के माध्यम से जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम इस कॉन्फ्रेंस का हिस्सा बने। इस संदर्भ में पूरे उत्तर प्रदेश में नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के संचालन में 15 जिले में कार्य पूरा हो गया है तथा 45 जिलों में अप्रैल 2022 तक पूर्ण हो जाएगा।
उक्त बैठक को संबोधित करते हुए सचिव पंचायती राज ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचायती राज विभाग, सर्वे ऑफ इंडिया एवं राजस्व विभाग के साथ नियमित तौर पर वार्ता करें। जो लक्ष्य निर्धारित किया जाए सभी स्तर पर स्पष्ट रूप से उसकी जानकारी होनी चाहिए। 15 जिलों में ड्रोन फ्लाइंग का कार्य पूरा हो चुका है वहां घरौनी वितरण की प्रक्रिया का निर्धारण किया जाए। जिन जनपदों में ड्रोन फ्लाइंग का कार्य संपन्न हो चुका है यदि फिर भी कोई काम बचा है तो उसका मैप जनरेट करवाएं। समय का सदुपयोग किया जाए, सभी एसडीएम को निर्देशित करते हुए इस बैठक में कहा गया कि वह प्रत्येक गांव जो कि विवादित बताया जा रहा है वहां की मॉनिटरिंग शुरू कर दें ।
जनपद कुशीनगर के संदर्भ में हाटा एवं पडरौना के कुछ गांव ऐसे हैं जो विवादित है जनपद कुशीनगर के 9 गांव में ड्रोन फ्लाइंग की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है ।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी श्री विंध्यवासिनी राय एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।

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