जिलाधिकारी ने की 50 लाख से ऊपर के निर्माण कार्यों की समीक्षा, अधूरे कार्यो को प्रत्येक दशा में निर्धारित अवधि तक गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाने का दिए निर्देश

जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने लोक निर्माण विभाग सहित समस्त कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किये जा रहे 50 लाख से ऊपर के निर्माणाधीन कार्य परियोजनाओ की प्रगति समीक्षा के दौरान यह स्प्ष्ट रुप से निर्देश दिया है कि सभी अधूरे व निर्माणाधीन कार्यो को प्रत्येक दशा में निर्धारित अवधि तक उसे अनिवार्य रुप से पूर्ण कराएं। उन्होने कहा कि हर हाल में समयबद्धता व गुणवत्ता का पालन होना चाहिए। इसमें यदि किसी भी स्तर पर कोई गड़बड़ी पायी जायेगी तो कार्यवाही की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि आवंटित बजट के सापेक्ष शत प्रतिशत भौतिक प्रगति हो, इसे सुनिश्चित किए जाए तथा जिन परियोजनाओं में धन की आवश्यकता हो, उसके लिए शासन स्तर पर पहल कर धनराशि आवंटन करा कर उन कार्यो को भी पूर्ण कराएं। उन्होने पीडब्ल्यूडी द्वारा कसया बस स्टेशन के निर्माण प्रगति की रिपोर्ट लेते हुए परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि कार्यों का सत्यापन अवश्य करा लें,इसी प्रकार मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यो की भी समीक्षा की गई एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। जिलाधकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निष्प्रयोज्य बिल्डिंग के सम्बंध में प्रभावी कार्यवाही किये जाने का निर्देश दिए, साथ ही उन्होंने समस्त कार्यदायी संस्थाओं को वारचार्ट ना बदलने एवं प्रत्येक माह की फ़ोटो को जिओ टैग के साथ अपलोड कराने का निर्देश दिए।
मल्टी शील्ड स्टोर के निर्माण कार्यों अन्तर्गत धन उपलब्ध होने के उपरांत भी कार्यों में प्रगति न होने पर सम्बन्धित कार्यदायी संस्था के विरुद्ध प्रमुख सचिव को पत्र भेजे जाने एवं ठीकेदार की हैसियत प्रमाणपत्र निरस्त कराये जाने के निर्देश दिए गए। जिला विद्यालय निरीक्षक भवन निर्माण के कार्यों में भी धीमी प्रगति पर सम्बन्धित ठीकेदार की हैसियत प्रमाण पत्र निरस्त किये जाने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया। इसी प्रकार सुकरौली में निर्मित विद्यालय, पीडब्ल्यूडी के 34 कार्यों व विद्दुत विभाग के 1कार्य की समीक्षा कर समयान्तर्गत पूर्ण किये जाने एवं 7 सेतु निर्माण कार्यों में 2 पूर्ण होने एवं 3 पूर्ण के करीब है, के सम्बंध में भी आवश्यक निर्देश दिए।
जल निगम के निर्माण कार्यों की समीक्षा दौरान 36 कार्यों में 6 कार्य पूर्ण होने व ठीकेदार की लापरवाही संज्ञान में आने पर हैसियत प्रमाण पत्र निरस्त किये जाने को निर्देशित किया गया।
जिलाधकारी ने समीक्षा दौरान जिला पंचायत द्वारा कराए जा रहे कार्यों टाइड/अन्ट्राइड/ सड़क निर्माण/ बाढ़ खण्ड के कार्यों की भी समीक्षा कर सभी को निर्देशित किया कि धन के अभाव में निर्माण कार्य नही रुकना चाहिये इस के लिए पूर्व से ही मांग पत्र भेजने सहित वार्ता भी कर लें ताकि कार्य अवरुद्ध न हो सके।
बैठक दौरान मुख्य विकास अधिकारी अनुज मलिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुरेश पटारिया, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ0 मु0 नासेह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला पंचायत सहित अधि0 अभि0 पीडब्ल्यूडी, जल निगम, विद्दुत, बाढ़ खण्ड, के साथ अन्य सभी सम्बन्धित अधिकारी गण उपस्थित रहे।

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