डाक टाइम्स ।बताते चले अभी कुछ दिन पूर्व आर्थिक मामलों की मंत्रियमंडलीय समिति (सीसीईए) द्वारा फैसला किया गया है की पेराई सत्र 2021-22 के लिये किसानों के गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 290/- रूपये प्रति कुन्तल निर्धारित किया गया है जो पिछले पेराई सत्र 2020-21 में 270.75 रूपये प्रति कुन्तल था अब उसे बढ़ाकर पेराई सत्र 2021-22 में 275.50 रूपये प्रति कुन्तल की बढ़ोत्तरी की है जो सिर्फ 4.75 रूपये सिर्फ बढ़ाया गया है। सरकारी आकड़ें के अनुसार एक कुन्तल गन्ने की पैदावार करने में 155/- रूपये की लागत दर्शाया गया है जो इस महंगाई में सम्भव नही है। इस सरकारी आकडे का जमीनी परताल भारतीय किसान यूनियन (अ) के जिलाध्यक्ष, कुशीनगर रामचन्द्र सिंह द्वारा गाँव गाँव जाकर किसानों से संपर्क करने पर किसानों द्वारा बताया गया एक कुन्तल गन्ने की पैदावार करने के लिये लगभग 200/- प्रति कुन्तल के हिसाब से लागत इस समय आ रहा है। केंद्र की सरकार ने अपने आर्थिक मामलों की मंत्रियमंडलीय समिति (सीसीईए) के द्वारा गन्ने का लागत मूल्य 155/- रूपये प्रति कुन्तल की दर से 87.01% एफआरपी उत्पादन लागत से बढ़ाकर 290/- रूपये प्रति कुन्तल किया है उसका खुलकर विरोध हमारा संगठन कर रहा है। आज दिनाँक 28 अगस्त 2021 दिन शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (अ) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सम्बन्धित एक ज्ञापन कोमल यादव, उपजिलाधिकारी कप्तानगंज को सौपते हुए माँग किये है की केंद्र आर्थिक मामलों की मंत्रियमंडलीय समिति (सीसीईए) के द्वारा गन्ने का लागत मूल्य जो 155/- रूपये प्रति कुन्तल की दर से 87.01% एफआरपी उत्पादन लागत से बढ़ाकर 290/- रूपये प्रति कुन्तल किया है उसको 200/- प्रति कुन्तल की दर पर 87.01% एफआरपी उत्पादन लागत बढ़ाकर 374/- प्रति कुन्तल किया जाय जो किसान हित मे होगा। यदि किसानों की मांग के ऊपर केन्द्र सरकार आना कानी करती है तो हमारा यूनियन वाध्य होकर आन्दोलन करने के लिये मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। इस मौके पर जिला सचिव चेतई प्रसाद,तहसील अध्यक्ष रामप्यारे शर्मा, सोहन, जीरा यादव के साथ साथ अन्य किसान मौजूद रहे।

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